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मैं हिंदुस्तान हूँ

हर किस्म से अलग, मैं हर किस्म का जहान हूँ,
मैं हिंदुस्तान हूँ |

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मिष्ठी

माली काका बहुत ख़ुश थे ।और हों भी क्यों ना, आज उनकी जान, उनकी गुड़िया- मिष्ठी पूरे बारह मास के बाद गाँव वापस आने वाली थी| मिष्ठी के माता पिता के गुज़र जाने के बाद माली काका ने ही उसे पाल पोस कर बड़ा किया था | मैं उनके घर के बाहर खड़ा था । […]

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कल रात मेरी रावण से मुलाक़ात हुई

कल रात मेरी रावण से मुलाक़ात हुई , सामाजिक मुद्दों पर कुछ हमारी बात हुई । ••• दरअसल कल रात होना रावण का भाषण था, परंतु दुर्भाग्यवश बस मैं अकेला श्रोतागण था । ••• मंच से उतरकर मेरे पास बैठते हुए, आदत से विवश अपनी मूँछें ऐंठते हुए, ••• बोल पड़ा रावण, “सुनो बात हमारी […]

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नदी का किनारा

कुछ वक़्त पहले की बात है, अप्रैल-मई के महीनों की, बोर्ड परीक्षा के परिणाम मन लायक नहीं आए थे, और भी कई प्रवेश परीक्षाओं में चयन नहीं हुआ.. काफ़ी खीझ होने लगी थी मुझे, .. फिर मन को थोड़ा शांत किया और अपना आकलन किया | उस दौरान मेरी जो हालत थी, इस कविता के […]

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